रविवार, 4 अप्रैल 2010

जारी है एक सफ़र मेरा

जारी है एक सफ़र मेरा तीरगी के साथ
जंग चल रही है मेरी रौशनी के साथ


मुझे मालूम नहीं कि क्या सोच कर
मै खुद भी रो दिया बेबसी के साथ
ताज़ा हुए है जख्म मेरे फिक्र कीजिये
जब से मिला वो मुझे बेरुखी के साथ



पैमाने मै तुझको यू उदास देखकर
मैकदे से घर गया तिशनगी के साथ



होसलो तुम भी मेरे संग- संग चलो
जंग चल रही है मेरी जिंदगी के साथ



                            शायर- रोहित "मीत"
तीरगी/ अँधेरा
तिशनगी / प्यास

2 टिप्‍पणियां:

  1. rohit ji,
    bahut achhi rachna, tasweer bhi bahut achhi lagi. mukammal rachna keliye badhai sweekaren.

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  2. पैमाने मै तुझको यू उदास देखकर
    मैकदे से घर गया तिशनगी के साथ

    kya khoob kaha hai...wah!

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